राहुल की उपलब्धियाँ
मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना से आत्मनिर्भर बने पौड़ी के केवर्स गांव के राहुलः डेयरी व्यवसाय से गांव में रोजगार, 24 गायों से हर महीने हजारों की कमाई
1. योजना से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में संचालित मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना ग्रामीण युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर सृजित कर रही है। जनपद पौड़ी गढ़वाल के केवर्स गांव निवासी राहुल गुसाईं ने इस योजना का लाभ उठाकर डेयरी व्यवसाय स्थापित किया। आज वे न केवल आत्मनिर्भर बने हैं, बल्कि गांव में अन्य लोगों को भी रोजगार के अवसर प्रदान कर प्रेरणा स्रोत बन रहे हैं।
2. छोटे स्तर से शुरू होकर बड़े व्यवसाय तक का सफर
राहुल गुसाईं ने योजना के तहत 7 लाख रुपये का ऋण प्राप्त कर अपने डेयरी व्यवसाय की शुरुआत की। प्रारंभ में उन्होंने 5 गायों से कार्य शुरू किया, जिसे उन्होंने लगातार मेहनत और योजनाओं के सहयोग से आगे बढ़ाया। किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से 2 अतिरिक्त गायें खरीदीं और मुख्यमंत्री राज्य पशु मिशन योजना के अंतर्गत 4 गायों को और जोड़ा। वर्तमान में उनके पास जर्सी, साहीवाल, गिर, बद्री तथा एचएफ (होल्स्टीन फ्रीज़ियन) नस्ल की कुल 24 गायें हैं।
3. बेहतर उत्पादन और मजबूत बाजार व्यवस्था
वर्तमान में राहुल प्रतिदिन लगभग 150 से 170 लीटर दूध का उत्पादन कर रहे हैं। इसमें से 32 से 40 लीटर दूध राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अंतर्गत “प्रयास” स्वयं सहायता समूह को, लगभग 50 लीटर आंचल डेयरी को तथा शेष 70 से 80 लीटर दूध स्थानीय उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराया जाता है। गुणवत्तापूर्ण दूध और नियमित आपूर्ति के कारण उनकी बाजार में अच्छी मांग बनी हुई है।
4. आय में वृद्धि से मजबूत हुई आर्थिक स्थिति
दूध बिक्री से राहुल को प्रति माह लगभग 80 से 90 हजार रुपये की आय प्राप्त हो रही है, जिसमें 45 से 50 हजार रुपये तक शुद्ध लाभ है। इस आय से उनका परिवार आर्थिक रूप से सशक्त हुआ है। अब वे भविष्य में अपने डेयरी व्यवसाय का और विस्तार करने की योजना बना रहे हैं, जिससे आय के नए स्रोत विकसित हो सकें।
5. तकनीकी सहयोग और सरकारी मार्गदर्शन का लाभ
राहुल गुसाईं के अनुसार मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना से उन्हें व्यवसाय शुरू करने में महत्वपूर्ण सहायता मिली। उन्होंने बताया कि पशुपालन विभाग से उन्हें निरंतर तकनीकी सहयोग प्राप्त हो रहा है, जिसमें पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण, टीकाकरण और चारे संबंधी मार्गदर्शन शामिल है। यह सहयोग उनके व्यवसाय को स्थायी और लाभकारी बनाने में अहम भूमिका निभा रहा है।
6. प्रशासनिक समर्थन से बढ़ रहा पशुपालन क्षेत्र
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विशाल शर्मा ने बताया कि विभाग द्वारा स्वरोजगार योजनाओं के माध्यम से पशुपालन को बढ़ावा दिया जा रहा है। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के निर्देशन में पशुपालकों को योजनाओं का लाभ प्रभावी रूप से उपलब्ध कराया जा रहा है। विभाग द्वारा नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान तथा संतुलित आहार की जानकारी दी जा रही है, जिससे दुग्ध उत्पादन में निरंतर वृद्धि हो रही है।